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मर तो हम उसी दिन गए थे जब दिल टूटा था

अब तो बस

ज़िन्दगी काट रहे हैं।

❤️💓❤️उम्मीद

तेरे संग ज़िन्दगी न गुज़र पायी कोई गम नहीं।।

बस इतना सा अहसान करना मुझ पर वो मौत मुझे सुलाए उस से पहले अपनी बाहों में सुला लेना मुझको।।।

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क्यों याद आते हो तुम हमें कौन हो तुम मेरे

तुमसे रिश्ता क्या है हमारा

हम तो हमेशा ही थे तुम्हारे

बस कभी तुम ही नहीं हुए हमारे

आज भी उन चौराहों पर कभी कभार रुक जाया करते कैसे कह दें कि इंतजार तुम्हारा आज भी हम करते हैं।

सुबह कितनी भी हशीन क्यों न हो हमारी

शाम आज भी तन्हां सी गुजरती है।

किसी सबेरे जब कोयल दूर कहीं मीठा मीठा गाती है

दिल को हमारे वो आहों से भर जाती है।

हाँ उदास हूँ मैं अपनी मोहब्बत पर ,हाँ naraj hu mai khud se pr kya kahu …..Jb tumse koi rista hi nhi….

Stranger

यक्ष :- जगत में अजेय क्या है ?

युधिष्ठिर :- पत्नी !! आप समस्त ब्रहमांड जीत सकते हैं लेकिन अपनी पत्नी से नहीं।

यक्ष ने युधिष्ठिर को गले लगा लिया और दोनों सुबक-सुबक कर रोने लगे।

😏😏😣