बेजुबान होना एक गुनाह

मित्रों..!!🙏🌿

कोई गुनाह नहीं… कोई चार्जशीट नहीं… कोई वकील नहीं….कोई जज नहीं… कोई सुनवाई नहीं… कोई जजमेंट नहीं…सीधा आजीवन कारावास..🙄😕

देखिये…प्राणियों के प्रति इंसानो की हैवानियत…🙏🙏🙏 हमने अपनी चंद खुशियों की खातिर इन बेजुबानो को अपनी कैद में डालकर खुद मुस्कुराते है अरे कभी उनसे भी पूछ के देखो क्या बीती होगी उन पर जब खुद का परिवार छोड़ा होगा क्या बी होगी जब पूरा जीवन बस एक पिंजरे बिता दिया होगा

शायद प्रकृति हमसे इन गुनाहों का बदला ले और हमे तैयार रहना चाहिए की बदल देने के लिए हमें एक कर्ज इन गुनाहों का कर्ज चुकाना ही होगा ;;

इश्क

कुछ लिखता हूँ कुछ छोड़ देता हूँ ,
हर्फ यूँ ही मोड देता हूँ…..इतने जख्म है इन निगाहों में,
रोज आईना देखता हूँ और तोड़ देता हूँ….

🇮🇳🇮🇳हमारा गणतंत्र🇮🇳🇮🇳🇮🇳

***आप सबको मेरी ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आईये संकल्प ले कि अपने राष्ट्र के प्रति सदैव वफादार रहेंगे।। जल ,पेड़ ,नदियों ,पर्यावरणका संरक्षण करेंगे प्लास्टिक के थैलों का जितना हो सके कम प्रयोग करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल स्वच्छ वायु और हरी भरी पृथ्वी मिल सके । जय हिंद* ।।

आकाश

मौत

किसी शायर ने मौत को क्या खुब कहा है;
. .. जिंदगी मे २ मिनट कोई मेरे पास ना बैठा.. , आज सब मेरे पास बैठे जा रहे थे.. .
. .. कोई तौहफा ना मिला आज तक.. , और आज फुल-ही-फुल दिये जा रहे थे.. .
. .. तरस गये थे हम किसी एक हाथ के लिये.. , और आज कंधे पे कंधे दिये जा रहे थे.. .
.

.. दो कदम साथ चलने को तैयार न था कोई.. , और आज काफिला बन साथ चले जा रहे थे.. .
.
. .. आज पता चला मुझे कि “मौत” कितनी हसीन होती है.. . कम्बख्त. . . हम तो यूँही ‘जिंदगी’ जीये जा रहे थे.. . ………….!!

मत जाओ 😞😞

अब तो चले जाओगे तुम कभी ना लौट के आने को ।। कोसिस तो मेरी बेकार ही जाएगी लाखो तुमको भूल जाने को ।। भले ही तुमसे दिल न मिला पाए हम , पर मोहब्बत की है मैने भी रूह से रूह मिलाने को।। अब तो चले जाओगे ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

कोई आँशु तो नहीं बहाऊंगा पर दिल में एक दर्द रह ही जायेगा जमाने से छिपाने को।।मुझे याद है वो खुशनसीब दिन मैंने देखा था तुमको , और दिल ने चाहत कर दी थी आंखों में तुम्हारी डूब जाने को ।।,,,,,,,, अनजान नहीं थे हम , हमें मालूम था किसी और के हो तुम पर दिल की जिद थी जान तुम्ही पर लुटाने को। अब तो चले जाओगे तुम,,,,,,,,,,,,,,

ख्वाबों में अक्सर आ ही जाते हो तुम मेरी नींद उड़ाने को ,, मेरे दिल ने मुझसे एक मुराद ही मांगी बस उम्र भर तुम्हें ही चाहने को,,, कैसे ,,, कैसे ना कर देते हम खुद के ही दिल ही चाह मिटाने को ।। अब तो चले ही जाओगे तुम ,,,,,,,,,

वैसे मुझे अंदाजा है कि सदियाँ भी बीत जाएंगी पर तुम्हे हमारी एक याद तक ना आएगी ।।।।,,,,, काश की तुम लौट आते मेरे अंदाजे को झुठलाने को,,,,,,,एक राज मेरी मोहब्बत का है ये भी ,,,,,,,,न थी वफ़ा तुमसे जिस्म तुम्हारा पाने को वफ़ा थी बस तुम्हारी रूह से रूह मिलाने को ,,,, ,,,,,अब तो चले ही जाओगे तुम लौट कभी न आने को।।।